कॉमनवेल्थ गेम्स... कि तैयारियों कि जिस तरह से पोल पट्टी जिस तरह से रोज़ रोज़ खुल रही...उसे देख अब शहर का आम आदमी यही कह रहा है. शुरुआत तो पहले ही हो गई थी... कॉमन वेल्थ में घोटालो के साथ...लेकिन मेहमान नवाजी में अव्वल मने जाने वाले इस देश में कॉमनवेल्थ कि तैयारियां इतनी कमज़ोर होंगी... इसका किसी को अंदाज़ा भी न था. अब तैयारियों में किस कतरह कि खामियां सामने आई है... मुझे लगता है कि ईससे आप सभी वाकिफ होंगे...लेकिन जो नहीं वाकिफ है.. उनकी जानकारी के लिए सिर्फ इतना ही बताना चाहूंगी कि... कॉमनवेल्थ कि शुरुआत के एक महीने पहले विशेष रूप से तैयार फुट ओवर ब्रिज गिर पढ़ा... शीला दीक्षित इस ब्रिज के गिरने को लेकर मीडिया को सफाई ही दे रही थीं कि इसी दौरान एक वाल सीलिंग चाट से नीचे आ गई. वहीं, दो दिनों बाद एक और देशभक्त ने खेलगाओं में स्टिंग कर दिया. जहा फैली अव्यवस्थाओं को देख तो कई विदेशी खिलाडियों ने आपने नाम ही वापस ले लिए.
इस तरह कॉमन वेल्थ देशों के सामने नाक कटाने से तो आचा होगा कि कॉमनवेल्थ के पहले ही हथनी कुन्ड को शीला दीक्षित खुलवा दें... और पूरी दिल्ली के बाढ़ में डूबने के बाद इमरजेंसी घोषित कर कॉमन वेल्थ गेम्स को तलवा दिया जाये... हालाँकि मेरा ये सुझाव हो सकता है कि दिल्ली के बासिंदों को न भाए.... लेकिन कम से कम इससे देश कि नाक तो काटने से बच ही जाएगी.
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